पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड वोटिंग ममता सरकार की विदाई का संकेत : बाबूभाई भवानजी

Spread the love

महाराष्ट्र ( मुंबई ) : मुंबई के पूर्व उप महापौर और शिवसेना नेता बाबू भाई भवानजी ने कहा है कि पश्चिम बंगाल की जनता परिवर्तन का मन बना चुकी है और वहां सत्ता परिवर्तन तय है। पश्चिम बंगाल में लंबे समय तक एनडीए का प्रचार करके लौटे भवानजी ने कहा कि पहले चरण में हुई रिकॉर्ड वोटिंग इस बात का प्रमाण है कि पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन तय है। लोगों ने बेखौफ होकर मतदान किया है और यह मतदान सत्ता के विरोध में हुआ है।

बाबूभाई भवानजी ने कहा कि राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में एनडीए की एकतरफा जीत होगी: 

बता दें कि भवानजी ने गठबंधन धर्म निभाते हुए बंगाल के पर्वतीय क्षेत्रों में जमकर प्रचार अभियान चलाया। उन्होंने सिलीगुड़ी, दार्जिलिंग , कालिंगपोंग, जलपाईगुड़ी, कूचबिहार और अलीपुर द्वार में लगभग एक महीने तक प्रचार किया और लोगों से एनडीए के पक्ष में मतदान करने की अपील की। कई क्षेत्रों में उनके साथ आरपीआई नेता रामदास आठवले ने भी प्रचार अभियान में हिस्सा लिया।

उधर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के मतदान के बाद निर्वाचन आयोग ने पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए नई सख्त व्यवस्था लागू की है। आयोग ने मतदान केंद्रों पर लगाए गए निगरानी कैमरों और उनमें सुरक्षित वीडियो डेटा के संरक्षण को लेकर ताजा दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद कैमरों से मेमोरी कार्ड नहीं निकाले जाएंगे। केवल कैमरे उतारे जाएंगे और उन्हें सेक्टर अधिकारी की निगरानी में सुरक्षित रखा जाएगा। स्मृति कार्ड निर्धारित डेटा संग्रहण और प्राप्ति केंद्र पर सहायक निर्वाचन अधिकारी की मौजूदगी में ही निकाले जा सकेंगे।

आयोग ने स्पष्ट किया है कि वीडियो सामग्री की पूरी जिम्मेदारी तय रहेगी और उसका रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि किसी शिकायत, विवाद या जांच की स्थिति में प्रमाण उपलब्ध रहे। इससे छेड़छाड़ या डाटा गायब होने की आशंका कम होगी।

निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में औसतन लगभग 93 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों की कई सीटों पर मतदान प्रतिशत इससे भी अधिक रहा, जो मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है।

अधिकारियों का कहना है कि भारी मतदान और चुनावी संवेदनशीलता को देखते हुए निगरानी फुटेज का सुरक्षित रहना बेहद जरूरी है। इसी कारण मतदान के बाद की प्रक्रिया को लेकर सख्त नियम लागू किए गए हैं। पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा, जबकि मतगणना चार मई को की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *