“सेव सेल्फ यात्रा –को राष्ट्रीय मिशन बनाने की दिशा में बड़ा कदम -आयुष मंत्री
भारत की आध्यात्मिक और स्वास्थ्य परंपराओं को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की दिशा में ब्रह्मर्षि श्री भारत भूषण भारतेंदु जी महाराज पालघर पीठाधीश्वर और केंद्रीय आयुष मंत्री श्री प्रताप राव जाधव जी का दिल्ली में विशेष मुलाकात एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ। “Save Self Yatra – Awaken Bharat” पहल को उस समय नई गति मिली जब भारतेंदु जी महाराज एवं उनकी टीम ने माननीय आयुष मंत्री श्री प्रतापराव जाधव जी से भेंट की।
यह बैठक केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं थी, बल्कि एक ऐसे राष्ट्रीय अभियान की नींव थी जो भारत के प्राचीन ज्ञान—योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा—को आधुनिक समय के साथ जोड़कर जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प रखता है। बैठक के दौरान “सेव सेल्फ यात्रा” को एक आधिकारिक राष्ट्रव्यापी मिशन के रूप में आगे बढ़ाने हेतु सकारात्मक सहयोग और समर्थन प्राप्त हुआ।
इस अवसर को और भी विशेष बनाते हुए भारतेंदु जी महाराज ने अपनी दिव्य बांसुरी वादन से वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। उनके द्वारा प्रस्तुत यह संगीत केवल एक कला प्रदर्शन नहीं, बल्कि सकारात्मक कंपन और चेतना को जागृत करने का एक माध्यम था, जिसने उपस्थित सभी लोगों को गहराई से प्रभावित किया।
टीम “Save Self Yatra” द्वारा माननीय मंत्री जी को भगवान श्री कृष्ण की कृपा प्रतीक स्वरूप बांसुरी भी भेंट की गई। साथ ही नासिक कुंभ में प्रस्तावित “अमृत स्नान योग” विश्व रिकॉर्ड के लिए आधिकारिक पत्र, सहयोग प्रस्ताव और विस्तृत दृष्टि दस्तावेज भी प्रस्तुत किए गए।
“अमृत स्नान योग” पहल इस पूरे अभियान का केंद्रीय तत्व बनकर उभर रही है। योगीराज जी के मार्गदर्शन में यह एक ऐसा जनआंदोलन बनने जा रहा है जिसमें पूर्णिमा स्नान के पावन अवसर पर कम से कम 10 लाख लोगों को एक साथ—डिजिटल और भौतिक दोनों माध्यमों से—जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इस आयोजन में देश-विदेश से असीमित संख्या में लोग भाग लेकर सामूहिक चेतना, शुद्धि और स्वास्थ्य का अनुभव कर सकेंगे।
इस पहल की विशेषता यह है कि यह केवल योग तक सीमित नहीं है, बल्कि योग,आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा (Naturopathy) को भी व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने का कार्य करेगी। इसका उद्देश्य एक ऐसा स्वस्थ, जागरूक और संतुलित समाज निर्माण करना है, जहाँ व्यक्ति केवल रोगमुक्त ही नहीं, बल्कि मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक रूप से भी समृद्ध हो।
“सेव सेल्फ यात्रा– अवेकन भारत ” को एक व्यापक राष्ट्रीय स्वास्थ जागरण मुहिम के रूप में विकसित करने की दिशा में यह पहल भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के साथ मिलकर एक मजबूत संरचना तैयार करने की ओर संकेत करती है। नासिक सिंहस्थ कुंभ जैसे विशाल आध्यात्मिक आयोजन में “अमृत स्नान योग” के माध्यम से विश्व रिकॉर्ड स्थापित करने का प्रयास न केवल भारत की सांस्कृतिक शक्ति को प्रदर्शित करेगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को पुनः प्रतिष्ठित करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस प्रकार की पहल को व्यापक जनसमर्थन और संस्थागत सहयोग मिलता है, तो यह भारत को “ग्लोबल वेलनेस लीडर” के रूप में स्थापित करने में एक निर्णायक भूमिका निभा सकती है।

