महाराष्ट्र ( पालघर ) –
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व एवं आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के मार्गदर्शन में, मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान (MDNIY), नई दिल्ली की आधिकारिक साझेदारी तथा श्री हरि नारायण सेवा संस्थान, मुंबई के सक्रिय सहयोग से आयोजित 100 दिवसीय अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के पावन अवसर पर अत्यंत भव्य, गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण समापन सम्पन्न हुआ।
इस महोत्सव का नेतृत्व पालघर पीठाधीश्वर, महाराष्ट्र योग प्रमुख एवं ब्रह्मर्षि योगीराज श्री भारत भूषण भारतेंदु जी महाराज ने किया। उनके मार्गदर्शन में दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश, नासिक, अहिल्यानगर (संगमनेर), मुंबई, मीरा-भायंदर, पालघर सहित अनेक स्थानों पर हजारों लोगों ने योग, प्राणायाम, बांसुरी की धुन पर ध्यान,माउथ ऑर्गन से राष्ट्रगान एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों में सहभागिता कर योगमय भारत के संकल्प को साकार किया।
पालघर में आयोजित मुख्य योग महोत्सव में सुंदरम सेंट्रल स्कूल के छात्र-छात्राओं, अध्यापकों, प्रधानाचार्य, ट्रस्टियों एवं अभिभावकों ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया। विद्यालय परिसर योग, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा का प्रेरणादायी केंद्र बन गया।
योगीराज श्री भारत भूषण भारतेंदु जी महाराज ने अपने विशेष संबोधन में “श्वास विज्ञान” पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि सही श्वास ही स्वस्थ जीवन की आधारशिला है। उन्होंने उपस्थित विद्यार्थियों एवं नागरिकों को श्वास की गहराई, गति और संतुलन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया तथा बताया कि नियमित एवं वैज्ञानिक श्वास तकनीक शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाती है।
कार्यक्रम का सबसे आनंददायक और आकर्षक क्षण लाफ्टर योग (Laughter Yoga) रहा। योगीराज के निर्देशन में बच्चों, शिक्षकों एवं अभिभावकों ने खुलकर हँसते हुए तनावमुक्त जीवन का अनुभव किया। बच्चों की खिलखिलाहट और उत्साह ने पूरे वातावरण को ऊर्जा, आनंद और सकारात्मकता से भर दिया।
इस अवसर पर योग, स्वास्थ्य, शिक्षा, समाजसेवा, पर्यावरण संरक्षण एवं मानवता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को “अहिंसा योग अवार्ड 2026” से सम्मानित करने की घोषणा भी की गई। यह सम्मान प्रेम, करुणा, सेवा और अहिंसा के मूल्यों को समाज में सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
विश्व के नाम योगीराज का संदेश
योग केवल शरीर को स्वस्थ बनाने का माध्यम नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता को जोड़ने वाली जीवन-पद्धति है। आज विश्व को युद्ध नहीं, योग चाहिए; संघर्ष नहीं, सहयोग चाहिए; हिंसा नहीं, अहिंसा चाहिए। आइए, हम सब ‘एक पृथ्वी – एक स्वास्थ्य – एक मानवता’ के संकल्प के साथ योग, प्रेम, करुणा और सेवा को अपने जीवन का आधार बनाकर एक स्वस्थ, शांत और समृद्ध विश्व का निर्माण करें।
कार्यक्रम का समापन सामूहिक शांति प्रार्थना, विश्व कल्याण संकल्प तथा “हर घर योग – हर व्यक्ति निरोग” के उद्घोष के साथ हुआ।

