महाराष्ट्र ( मुंबई ) बरसात के इस मौसम में मुंबई में मलेरिया , टायफाइड डेंगू और गैस्ट्रो (पेट की बीमारियां) के मामले बढ़ रहे हैं। मनपा स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जुलाई महीने में डेंगू के मरीजों की संख्या 900 के ऊपर पहुंच गई है। जुलाई महीने में मलेरिया, डेंगू के मरीज निरन्तर बढ़ते जा रहे हैं। इन बीमारियों की रोकथाम के लिए मुंबई के के.एम., सायन, गोवंडी के शताब्दी, घाटकोपर के राजावाड़ी , चेंबूर के मां अस्पताल में अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को मुहैया कराने की मांग मुंबई के पूर्व उपमहापौर और शिव सेना नेता बाबूभाई भवानजी ने की है। उन्होंने इस संदर्भ में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री, मुंबई मनपा आयुक्त का ध्यान आकर्षित कराया है।
बता दें कि मनपा द्वारा 15 जुलाई 2026 को जारी किए गए तुलनात्मक रिपोर्ट के अनुसार डेंगू, मलेरिया के मरीजों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी देखी गई है। 14 जुलाई तक मलेरिया के साढ़े तीन हजार के ऊपर मामले आए हैं।
मलेरिया से बचाव के उपाय जानकारों के मुताबिक मनपा के कीटनाशक विभाग ने मुंबई के विभिन्न इलाकों में मच्छरों के प्रजनन स्थलों का निरीक्षण किया है। इनमें से अनेक स्थानों पर मलेरिया मच्छरों के प्रजनन स्थल पाए गए हैं।
इसी तरह मुंबईकरों को अन्य बीमारियों की तरह पेट की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस साल संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ रही है। जिसके कारण मनपा अस्पतालों को मरीजों के इलाज के लिए अभी से ही तैयारी शुरू कर देनी चाहिए ऐसी मांग पूर्व उपमहापौर बाबूभाई भवानजी ने की है।
उन्होंने ने मुंबई मनपा आयुक्त से मांग की है कि मनपा अस्पतालों में डाक्टरों और अन्य कर्मचारियों की संख्या बढ़ाएं। इसके साथ ही नायर, के. एम, सायन, कूपर और शताब्दी अस्पताल में अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को मुहैया कराने का प्रयास करें। मनपा की ओर से बरसात में फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए विशेष रूप से झोपड़पट्टियों में युद्ध स्तर पर कीट नाशक दवाओं का छिड़काव शुरु करने का अभियान चलाया जाए।
