महाराष्ट्र ( पालघर ) – वर्तमान समय में विश्वभर में बढ़ती अस्थिरता, तनाव, हिंसा और मानसिक अशांति को ध्यान में रखते हुए पालघर पीठाधीश्वरएवं अखिल भारतीय जैन दिवाकर मंच नई दिल्ली राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संत प्रकोष्ठ योगीराज श्री भारत भूषण भारतेंदु जी महाराज द्वारा एक विशेष और अद्वितीय योग पद्धति “अहिंसा योग” का सृजन किया गया है।
यह योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मन, वचन और कर्म को अहिंसा के मार्ग पर स्थापित करने का एक समग्र आध्यात्मिक साधन है। योगीराज का मानना है कि यदि व्यक्ति अपने भीतर शांति स्थापित कर ले, तो वही शांति समाज और अंततः पूरे विश्व में प्रसारित हो सकती है।
“अहिंसा योग” की विशेषताएं:
1. योगासन के साथ ध्यान और मंत्र का समन्वय
2. बांसुरी संगीत के माध्यम से मानसिक संतुलन
3.अहिंसा आधारित जीवनशैली का प्रशिक्षण
4.तनाव, क्रोध और नकारात्मकता से मुक्ति का मार्ग
योगीराज श्री भारत भूषण जी महाराज ने इस अभियान को “अहिंसा योग यात्रा” के रूप में प्रारंभ करने की घोषणा की है, जिसके अंतर्गत विभिन्न शहरों और राज्यों में जाकर लोगों को अहिंसा योग का अभ्यास कराया जाएगा।
इस पहल को समाज के सभी वर्गों — युवाओं, महिलाओं, शिक्षकों, आध्यात्मिक संगठनों और सामाजिक संस्थाओं — का व्यापक समर्थन प्राप्त हो रहा है। यह पहल न केवल व्यक्तिगत शांति बल्कि विश्व शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
योगीराज का स्पष्ट संदेश है:
“जब व्यक्ति भीतर से शांत होगा, तभी विश्व में स्थायी शांति स्थापित होगी।”
यह “अहिंसा योग यात्रा” आने वाले समय में एक वैश्विक मुहिम का रूप लेगा, जो भारत की सनातन परंपरा और योग विज्ञान को विश्व मंच पर एक नई दिशा देगा।
