उत्तर प्रदेश(वाराणसी) – श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर ब्रह्मर्षि योगीराज श्री भारत भूषण भारतेंदु जी महाराज (संस्थापक, श्री हरि नारायण सेवा संस्थान, पालघर, मुंबई, महाराष्ट्र; राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, अखिल भारतीय जैन दिवाकर मंच, नई दिल्ली, संत प्रकोष्ठ; योग प्रमुख, भाजपा आध्यात्मिक आघाड़ी, महाराष्ट्र प्रदेश) के सान्निध्य में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस अवसर पर योगीराज जी ने बच्चों को बांसुरी भेंट की और स्वयं उन्हें बांसुरी बजाने का प्रशिक्षण दिया। यह आयोजन उनकी निरंतर चल रही प्रेरणादायी मुहिम “हर हाथ बांसुरी, हर सांस बांसुरी” का ही एक हिस्सा रहा।
योगीराज जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और बलराम जी बचपन से ही प्रेरणा के आदर्श हैं। जहाँ श्री बलराम जी शारीरिक शक्ति के प्रतीक थे, वहीं श्रीकृष्ण जी मानसिक और आध्यात्मिक शक्ति के प्रतीक बने, क्योंकि उनका जीवन संगीत और बांसुरी साधना से जुड़ा था।
इस कार्यक्रम में नितेश कुमार गुप्ता, रितेश कुमार गुप्ता, हर्षित, उत्कर्ष, तेजस, ओजस और दृशा सहित कई बच्चों ने बांसुरी सीखी और मधुर धुनें प्रस्तुत कीं।
वरिष्ठ पत्रकार दैनिक जागरण के श्री रामचंद्र गुप्ता ने योगीराज जी का स्वागत सम्मान करते हुए कहा कि “समाज में इस प्रकार के आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं और इनसे संस्कृति और संस्कार को नई दिशा मिलती है।”
वरिष्ठ शिक्षक नेता श्री अश्वनी तिवारी ने भी कहा कि “देशभर में इस तरह के कार्यक्रमों को बढ़ावा मिलना चाहिए ताकि बाल पीढ़ी में कला, योग और संस्कृति का समन्वय विकसित हो सके।”
वाराणसी पधारने पर योगीराज जी का भव्य स्वागत किया गया और सभी ने उनके प्रयासों को साधुवाद दिया।







