घुसपैठियों के बल पर राजनीति करना चाहता है विपक्ष: बाबूभाई भवानजी

Spread the love

महाराष्ट्र(मुंबई) वरिष्ठ भाजपा हिंदूवादी नेता और मुंबई के पूर्व उप महापौर बाबूभाई भवानजी ने एसआईआर पर कहा है कि बिहार चुनाव के नतीजों ने बता दिया है कि जनता एसआईआर के पक्ष में है। इस दौरान उन्होंने विपक्षी दलों के आरोपों पर भी करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के लोग 2019 और 2024 के आम चुनाव में संविधान को खतरे में बता रहे थे। अभी एसआईआर के विषय को लेकर दुष्प्रचार किया गया। विपक्षी दल घुसपैठियों को वोटर बना कर उनके बल पर राजनीति करना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि बिहार में एनडीए को शानदार जनादेश मिला है। इससे विपक्ष को सबक लेना चाहिए कि अब एसआईआर को लेकर मतदाताओं और देश की जनता ने उनके आरोपों को खारिज कर दिया है। अवैध तरीके से रहने वाले बांग्लादेशी नागरिकों के मुद्दे पर विपक्ष को घेरते हुए भवानजी ने कहा, “मुसलमान वोटों के ध्रुवीकरण और तुष्टिकरण के लिए काम हो रहा है। इस बार विपक्ष ने ईवीएम को दोष नहीं दिया, लेकिन एसआईआर और चुनाव आयोग को निशाना बनाया।

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग में कोई एक व्यक्ति नहीं होता है। वह एक संस्था है और उसके अपने अधिकार हैं, लेकिन वह भी अपने संवैधानिक अधिकारों से ऊपर नहीं जा सकता है। चुनाव आयोग संविधान के तहत मिले अधिकारों का पालन करता है। हालांकि, जब वह सख्ती से नियमों का पालन करता है तो इससे कुछ राजनीतिक दलों के नेताओं के पेट में दर्द होने लगता है।

*उन्होंने आगे कहा, “यह लोग (विपक्ष) विदेशी घुसपैठियों को भारत का मतदाता बनाना और उन्हें नागरिकता दिलाना चाहते हैं। लेकिन इससे देश की आंतरिक सुरक्षा को खतरा होगा और सामाजिक सद्भाव बिगड़ेगा, चुनाव भी स्वतंत्र और निष्पक्ष नहीं होंगे।” उन्होंने कहा कि जो भारतीय नहीं हैं और भारतीय नागरिकता का प्रमाण नहीं दे पा रहे हैं, ऐसे लोग घुसपैठिए हैं, लेकिन उनको विपक्ष समर्थन दे रहा है।

*वहीं, भाजपा नेता और बिहार के मंत्री नितिन नबीन ने एसआईआर का विरोध करने वालीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “ममता बनर्जी अराजकता का नाम है। वे कभी भी संवैधानिक चीजों को सही नहीं मानती हैं। अराजकतावादी सोच के कारण ही ममता बनर्जी आज पश्चिम बंगाल को हाशिए पर ले गई हैं। लेकिन निश्चित रूप से इस बार के चुनाव में ममता बनर्जी की जमीन खिसक जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *