महाराष्ट्र ( मुंबई ) वरिष्ठ भाजपा नेता और मुंबई के पूर्व उप महापौर बाबूभाई भवानजी ने कहा है कि अहमदाबाद जैसी विमान दुर्घटना को टालने के लिए यात्री विमानों की जांच प्रक्रिया की गहन समीक्षा जरूरी है। आज एक बयान में भवानजी ने कहा कि यात्री विमानों की सुरक्षा के लिए विमानों के मॉडल, विमानों की उम्र और उसकी दैनिक जांच प्रणाली की व्यापक समीक्षा की जरूरत है ताकि विमान हादसों को टाला जा सके।
उन्होंने कहा कि जांच प्रक्रिया में संबंधित लोगों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और उसमें किसी भी प्रकार की लापवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने सभी मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि पूरा देश उनके साथ है।
*भवानजी ने कहा विमानों के साथ साथ यातायात के सभी सार्वजनिक वाहनों की सुरक्षा प्रणाली को पुख्ता किए जाने की आवश्यकता है ताकि दुर्घटनाओं को टाला जा सके और लोगों की जान बचाई जा सके। उन्होंने रेल, बस और टैक्सी आदि साधनों की फिटनेस जांच प्रणाली को और पुख्ता किए जाने की जरूरत है।
उधर केंद्र सरकार ने अहमदाबाद विमान दुर्घटना की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय बहु-विभागीय समिति का गठन किया है।
अहमदाबाद में एयर इंडिया के विमान दुर्घटना में कई लोगों की जान चली गई है। इस घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। अब इस गंभीर हादसे की जांच और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए केंद्र सरकार ने एक समिति का गठन किया है, जो तीन महीने में रिपोर्ट सौंपेगी।
केंद्र सरकार ने विमान दुर्घटना की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय बहु-विभागीय समिति का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन करेंगे और यह आगामी तीन महीनों में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।
12 जून को एयर इंडिया के ‘बोइंग 787-8’ विमान हादसे में विमान में सवार 241 लोगों के साथ-साथ जमीन पर मौजूद मेडिकल कॉलेज के छात्रों और कई अन्य लोगों की भी जान चली गई थी। हादसे के समय विमान अहमदाबाद से उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद एक मेडिकल कॉलेज परिसर में जा गिरा था।
सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह समिति दुर्घटना के मूल कारणों का पता लगाने, भविष्य के लिए एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) तैयार करने और जरूरी नीतिगत व परिचालन सुधार सुझाने का कार्य करेगी। यह समिति तकनीकी खराबी, मानवीय चूक, मौसम, नियामकीय खामियों जैसे सभी पहलुओं की जांच करेगी।
समिति में नागरिक उड्डयन सचिव, गृह मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव, गुजरात गृह विभाग, राज्य आपदा प्राधिकरण, अहमदाबाद पुलिस आयुक्त, वायुसेना, बीसीएएस, डीजीसीए, खुफिया ब्यूरो और फॉरेंसिक विज्ञान सेवा निदेशालय के अधिकारी शामिल हैं। जरूरत पड़ने पर विमानन विशेषज्ञ, कानूनी सलाहकार और दुर्घटना जांचकर्ता भी समिति का हिस्सा बनाए जा सकते हैं।
अगर हादसे में विदेशी नागरिक या विमान निर्माता शामिल हैं, तो समिति अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय करेगी। साथ ही, यह उड़ान डेटा, कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर, विमान रखरखाव रिकॉर्ड और एटीसी लॉग जैसी सभी तकनीकी जानकारियों तक पहुंच बना सकती है।
ध्यान रहे कि विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) पहले से ही हादसे की जांच कर रहा है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने ने स्पष्ट किया है कि यह नई समिति अन्य एजेंसियों की जांच में हस्तक्षेप नहीं करेगी बल्कि एक पूरक और समन्वयकारी भूमिका निभाएगी।
समिति यह भी आकलन करेगी कि हादसे के समय रेस्क्यू ऑपरेशन, राहत कार्य और आपातकालीन समन्वय कितना प्रभावी रहा। इसके आधार पर केंद्र व राज्य सरकार की एजेंसियों के लिए एक व्यापक एसओपी तैयार किया जाएगा। सरकार का मानना है कि यह पहल भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने और बेहतर तरीके से निपटने के लिए एक ठोस आधार प्रदान करेगी।
