
महाराष्ट्र ( मुंबई ) – वरिष्ठ हिंदुवादी भाजपा नेता और मुंबई के पूर्व उपमहापौर बाबूभाई भवानजी ने कहा है कि हिन्दुओं की तमाम जातियों की एकजुटता से ही आतंकवादियों की कमर तोड़ी जा सकती है। आज एक बयान में उन्होंने कहा कि मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना, फिर क्यों मज़हब पूछकर गोली मारी गई ? इंसानियत के नाम पर धब्बा बन गए वो लोग,जो खुदा के नाम पर खून बहा गए। आतंकवादियों ने हमले के वक्त ना तो किसी की जाति या भाषा पूंछी और ना ही प्रांत। इसलिए जाति, भाषा और प्रांत का भेद मिटाकर एकजुट होना होगा। तभी हम आतंकवादियों से और अन्य धर्मियों से नफ़रत करने वालों का और काफिर समझने वालों का सही तरीके से मुकाबला कर पाएंगे । भवानजी ने इस अवसर पर हिंदुओं की तमाम जातियां एकजुट हो और बंटेंगे तो कटेंगे, एक रहोगे तो सेफ रहोगे का नारा बुलंद किया।
उन्होंने आगे कहा कि जिन लोगों ने पहलगाम में निर्दोष लोगों को मारा है उन्हें ऐसी सजा मिलनी चाहिए कि उसे लोग सदियों तक याद रखें और गलत करने के बारे में सौ बार सोचें।
उन्होंने कहा कि देश के सभी लोग दोषियों के खिलाफ ऐक्शन चाहते हैं। उन्होंने कहा कि हमें सारा मतभेद भूलकर मोदी जी को पूरी ताकत से सपोर्ट करना चाहिए ताकि वे आतंक के आकाओं और देश के गद्दारों एवं कट्टरपंथियों को नेस्तनाबूद कर सकें।
उधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बिहार के मधुबनी में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के मौके पर जनसभा को संबोधित किया. पहलगाम हमले के बाद पीएम मोदी का ये पहला संबोधन था. इस दौरान मोदी ने पहले पहलगाम में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी फिर भाषण की शुरुआत की।
पीएम मोदी ने सख्त अंदाज में कहा कि पहलगाम में जिन आतंकियों ने बेकसूरों को मारा है और जिन लोगों ने इसकी साजिश रची है उनको कल्पना से भी बड़ी सजा दी जाएगी।
पीएम मोदी ने कहा कि पहलगाम में आतंकवादियों ने मासूम लोगों को जिस बेरहमी से मारा है पूरा देश व्यथित है. सभी पीड़ित परिवारों के दुख में पूरा देश साथ खड़ा है. इस हमले में किसी ने अपना बेटा, भाई, पति मारा गया. पीएम मोदी ने कहा कि देश के दुश्मनों ने भारत की आत्मा पर हमला करने का दुस्साहस किया है।
उन्होंने कहा कि जिन्होंने ये हमला किया है उन आतंकियों को, इस हमले की साजिश करने वालों उनकी कल्पना से भी बड़ी सजा मिलेगी और मिलकर रहेगी. आतंक को मिट्टी में मिलाने का समय आ गया है. पीएम मोदी ने कहा कि इंडिया के स्प्रिट को आतंकवाद से नहीं तोड़ा जा सकता है. आतंकियों की बची कुची जमीन को मिट्टी में मिलाने का समय आ गया है. 140 करोड़ भारतीयों की इच्छाशक्ति आतंक आकाओं की कमर तोड़ कर रहेगी।
