महाराष्ट्र ( मुंबई ) – मुंबई के पूर्व उप महापौर, शिवसेना नेता, आजाद हिंद फ्रंट के राष्ट्रीय महासचिव श्री बाबूभाई भवानजी ने गत दिवस दादर के आरजू सभागृह में बिहार में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए शहीद भरत तिवारी के सम्मान में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जिसमें उन्होंने केंद्र और बिहार सरकार से भरत तिवारी और उनके परिजनों को न्याय देने की अपील की।
आजाद हिंद फ्रंट के बैनर तले आयोजित इस कार्यक्रम में भवानजी ने कहा कि भरत तिवारी के साथ पुलिस ने ज्यादती की है और पुलिस के घिनौने कृत्य से देश का एक होनहार युवक असमय ही मौत का शिकार हो गया।
उन्होंने कहा कि भरत तिवारी जी ने भ्रष्टाचार के विरोध में और गरीबों के हित के लिए जो लड़ाई शुरू की है उसे जारी रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार का भस्मासुर समाज को निगल रहा है और समय रहते इस पर काबू नहीं पाया गया तो हमारा देश खोखला हो जाएगा। इस कार्यक्रम में संस्था के महाराष्ट्र के इंचार्ज श्री राजसाहेब मेहता और संस्था के प्रचारक एडवोकेट सुरेन्द्र मिश्र ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोगों ने शहीद भरत तिवारी को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
आगे भवानजी ने कहा कि जल्द ही नेताजी सुभाषचंद्र बोस के पौत्र और आजाद हिंद फ्रंट के सर सेनापति चंद्रकुमार बोस जी के साथ वे भरत तिवारी जी के परिवार से मिलने उनके गांव जाएंगे।
उधर भोजपुर पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी के परिजनों ने पत्रकारों से बातचीत की. इस दौरान उन्होंने प्रशासन के सामने कई मांगें रखीं. परिवार ने साफ कहा कि अगर तय समय के भीतर कार्रवाई नहीं हुई, तो भरत तिवारी की मां आशा देवी 9 जुलाई से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगी. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि देर रात बिना नंबर प्लेट की गाड़ी से घर की रेकी की जा रही है।
मृतक की बहन रूबी देवी ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी मांग उन सभी पुलिस अधिकारियों और जवानों की तत्काल गिरफ्तारी है, जिन पर परिवार को संदेह है SDPO, SHO समेत कई पुलिसकर्मियों पर FIR भी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि जब तक आरोपित पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, तब तक उनकी मां का अनशन जारी रहेगा।
रूबी देवी ने कहा कि घटना के बाद पूरा परिवार डर के माहौल में जी रहा है. उन्होंने प्रशासन से परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की. उनका कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में सुरक्षा बेहद जरूरी है।
परिजनों ने यह भी मांग उठाई कि एनकाउंटर मामले की जांच के लिए जो भी अधिकारी आएं, वे पहले परिवार को सूचना दें। इससे परिवार जांच में सहयोग कर सकेगा और अपनी बात भी रख पाएगा।
परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बदले की भावना से गांव के निर्दोष लोगों को भी केस में शामिल कर दिया है. इस मामले में 14 नामजद और करीब 50 अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. परिजनों ने निष्पक्ष समीक्षा कर बेगुनाह लोगों के नाम हटाने की मांग की है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में परिवार ने एक और गंभीर आरोप लगाया. उनका कहना है कि देर रात उनके घर के आसपास बिना नंबर प्लेट वाली एक संदिग्ध कार घूमती दिखाई दी। यह पूरी घटना घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। भरत की मां को आशंका है कि परिवार की रेकी की जा रही है. किसी भी समय कोई अप्रिय घटना हो सकती है. उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी हमलोगों ने डायल 112 को दी।
उन्होंने आगे कहा कि सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और चौकीदारों की तैनाती की गई. परिवार के अनुसार इस मामले की जानकारी डीएसपी को भी दी गई है।
परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार और उसमें मौजूद लोगों की पहचान की जाए. उनका कहना है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। भरत तिवारी के परिजनों ने कहा कि वे न्याय मिलने तक अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। उनका कहना है कि उनकी सभी मांगें न्याय और निष्पक्ष जांच से जुड़ी हैं, इसलिए प्रशासन को जल्द कार्रवाई करनी चाहिए।

