महाराष्ट्र (मुंबई) – भारत की महान परंपरा और आदिवासी संस्कृति के संगम का ऐतिहासिक क्षण
“बिरसा भारत जागृति वर्ष – 2025–26” के रूप में 15 नवम्बर को मनाया जा रहा है।
आदिवासी देव बिरसा मुंडा जी (जन्म: 15 नवम्बर 1875)
और योगीराज श्री भारत भूषण भारतेंदु जी महाराज (जन्म: 15 नवम्बर 1975)के सौ वर्ष के दिव्य संगम से प्रेरित है।“बिरसा भारत जागृति वर्ष” का लक्ष्य है —भारत की मूल संस्कृति, आदिवासी चेतना और आध्यात्मिक आत्मबल को एक सूत्र में पिरोना। इस अभियान के माध्यम से देशभर में चलाया जाएगा —योग, संगीत और ध्यान के माध्यम से नशा-मुक्त समाज निर्माण, गौ, गंगा, गुरुकुल, गांव और पर्यावरण संरक्षण की अलख,आदिवासी समाज में शिक्षा, आत्मजागरण और सांस्कृतिक पुनर्जागरण“When Tribal Meets Vedic, The World Heals” अंतरराष्ट्रीय अभियान,भारत एकात्म यात्रा (पालघर से वाराणसी) योगीराज ने आह्वाहन किया कि हर भारतवासी को इस यज्ञ में सहभागी बने।
यह भारत की आत्मा को जगाने का आंदोलन है।

15 नवम्बर को मनाया जाएगा ‘बिरसा भारत जागृति वर्ष’ का प्राकट्य दिवस
