

MSME PCI के सराहनीय प्रयासों से इंदौर हुआ भारत का पहला 100 % औधोगिक जिला , सभी पंचायतों में लगे MSME उद्योग* ,2030 का लक्ष्य*
मध्यप्रदेश ( इंदौर ) एमएसएमई प्रोमोशन काउंसिल इंडिया (MSME PCI) के पिछले 3 वर्षो से किए जा रहे सराहनीय प्रयासों , प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवम नवाचारों से इंदौर भारत का पहला पूर्ण उद्योगकृत जिला बन गया है।
इंदौर ने भारत में इतिहास रचते हुए ऐसा पहला ज़िला बनने का गौरव प्राप्त किया है, जिसकी सभी पंचायतों में सूक्ष्म, लघु और मध्यम स्तर के उद्योग स्थापित हो गए हैं। इस उपलब्धि से न केवल ज़िले का औद्योगिक परिदृश्य सशक्त हुआ है, बल्कि स्थानीय स्तर पर युवाओं को रोज़गार के नए अवसर भी मिले हैं। एमएसएमई पीसीआई के विकसित भारत 2047 विजन कार्यक्रम के अंतर्गत एमएसएमई पीसीआई के जिला संयोजक नामेश पाटिल ने ग्रामीणों एवम जिला प्रशासन के साथ मिल कर कार्य किया , कलेक्टर श्री आशीष सिंह का इसपर पूर्ण आशीर्वाद एवम मार्गदर्शन रहा तथा इंदौर जिले की शत-प्रतिशत ग्राम पंचायतों में उद्योग स्थापना का नव उद्यमी महत्वाकांक्षी अभियान गत वर्ष अप्रैल 2024 से पूर्णतया प्रारंभ किया गया था । जिसकी आधारशिला पिछले 3 वर्षो से एमएसएमई पीसीआई के द्वारा रखी जा रही थी , परिणाम स्वरूप मात्र एक वर्ष की अल्प अवधि में अभियान के लक्ष्य को प्राप्त कर लिया गया है।
कलेक्टर श्री आशीष सिंह के निर्देशन एवम पीसीआई के सहयोग से गत एक वर्ष से लगातार विशेष अभियान चलाकर ज़िले की 160 ऐसी पंचायतें, जहाँ पूर्व में कोई उद्योग नहीं था, उनमें 336 नए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग स्थापित कराए गए।
एमएसएमई पीसीआई का यही लक्ष्य अब भारत के हर जिले के लिए है अभी भारत के 50 चयनित जिलों पर कार्य चल रहा है , संगठन का उद्देश्य 2030 तक 1 लाख नव उद्यमियों को तेयार कर उद्योग स्थापना है, इसके लिए 14 अप्रैल 2025 से बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर वोकेशनल एवम नव उद्यमी कार्यक्रम की भी शुरुवात की गई है।
इस उपलब्धि से न केवल स्थानीय बेरोज़गारी में कमी आई है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है। दिल्ली में आज एमएसएमई पीसीआई के चेयरमैन ने इसे “आत्मनिर्भर ग्राम” की दिशा में एक बड़ी पहल बताया है। शीघ्र ही काउंसिल की और से नव उद्यमियों का एक अभिनंदन समारोह भी रखा जाएगा जिसमें जिला कलेक्टर , जिला उद्योग अधिकारी , पीसीआई की जिला टीम ,बैंक एवम सरपंचों के साथ नव उद्यमियों का सम्मान किया जाएगा।
*इंदौर जिले की 100% पंचायतों में उद्योग स्थापना*
इंदौर जिले में कुल 334 पंचायतें हैं, इनमें पूर्व से 174 पंचायतों में 500 उद्योग स्थापित थे। शेष 160 पंचायतों में किसी भी तरह के उद्योग नहीं थे। इसको देखते हुए योजना के तहत एवम जिला कलेक्टर आशीष सिंह के मार्गदर्शन से उद्योग विहीन सभी 160 पंचायतों में सूक्ष्म, लघु और मध्यम स्तर के उद्योग लगाने का लक्ष्य तय किया। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए उन्होंने सभी संबंधित विभागों के समन्वय से एक विशेष अभियान गत अप्रैल माह से शुरू किया। जनपद पंचायत, जिला व्यांपार एवं उद्योग केन्द्र, मध्यप्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM), उद्यानिकी विभाग एवं बैंक अधिकारियों के समन्वय से यह अभियान पूरे वर्ष सक्रिय रूप से संचालित रहा। अभियान के अंतर्गत सूक्ष्म कार्ययोजना बनाकर लगातार प्रयास किये गए। एक वर्ष की अवधि में ही अभियान के लक्ष्य को प्राप्त कर लिया गया।
इस अभियान के अंतर्गत स्थामनीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से लगभग 90 करोड़ के ऋण विभिन्ना बैंकों के माध्यम से वितरित कराए गए हैं। जिसके फ़लस्वरुप पंचायत क्षेत्रों में मिल्क प्रोडक्ट्स , फूड प्रोसेसिंग, कृषि उपकरण, कूलर, रेडीमेड गारमेंट्स तथा मसाला उद्योग पर आधारित 336 नवीन उद्योग स्थायपित हुए हैं, जिनमें लगभग 2000 स्थानीय व्यक्तियों को रोज़गार प्राप्त हुआ है। अभी एमएसएमई पीसीआई ( MSME PCI ) प्रधानमन्त्री एक जिला एक उत्पाद ,सामाजिक न्याय मंत्रालय के साथ गरीब लोगो को स्वरोजगार , फूड प्रोसेसिंग एवम कृषि मंत्रालय के साथ विभिन्न योजनाओ पर कार्य कर रही है, जिससे 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।
बाबा साहेब आंबेडकर वोकेशनल एवम नव उद्यमी कार्यक्रम जुड़ने की प्रक्रिया एवम प्रशिक्षण 1 जून से शुरू होगा , प्रथम स्तर पर स्टार्टअप्स के साथ एक जिला एक उत्पाद ( ODOP ) कार्यक्रम को जोड़ा जा रहा है।
राजस्थान में MSME PCI स्वदेशी के साथ मिलकर फूड पार्क लगाया जा रहा है और नॉर्थ ईस्ट में भी स्वदेशी के साथ साथ हर ग्रामपंचायत पर उद्योग का प्लान किया जा रहा है।
