महाराष्ट्र ( मुंबई ) – वरिष्ठ भाजपा नेता और मुंबई के पूर्व उप महापौर बाबू भाई भवानजी ने कहा है कि भारतीय मूल की अमेरिकी वैज्ञानिक सुनीता विलियम्स ने भारत के साथ साथ गुजरात का भी मान बढ़ाया है। आज एक बयान में भवानजी ने कहा कि सुनीता का मूल गांव गुजरात के मेहसाणा जिले में है। यहीं से उनके पिता दीपक पंड्या 1957 में अमेरिका गए थे। पिछले कई महीनों से उनके गांव वाले उनकी सकुशल वापसी के लिए यज्ञ कर रहे थे।
उधर प्रधानमंत्री मोदी ने सुनीता विलियम्स को लिखा पत्र; कहा, ‘भारत में आपसे मिलने का बेसब्री से इंतजार है।
*प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 मार्च को सुनीता विलियम्स को पत्र लिखकर अंतरिक्ष यात्रियों को शुभकामनाएं दी। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने पत्र को एक्स पर पोस्ट किया। प्रधानमंत्री मोदी ने पत्र में लिखा, “मैं आपको भारत के लोगों की ओर से शुभकामनाएं देता हूं। आज एक कार्यक्रम में, मैं प्रसिद्ध अंतरिक्ष यात्री माइक मैसिमिनो से मिला। हमारी बातचीत के दौरान, आपका नाम आया और हमने चर्चा की कि हमें आप और आपके काम पर कितना गर्व है। इस बातचीत के बाद, मैं खुद को आपको पत्र लिखने से नहीं रोक सका।
प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा “1.4 बिलियन से अधिक भारतीयों ने हमेशा आपकी उपलब्धियों पर बहुत गर्व किया है। हाल के घटनाक्रमों ने एक बार फिर आपके प्रेरणादायक धैर्य और दृढ़ता को प्रदर्शित किया है।” प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भले ही सुनीता हजारों मील दूर हैं, लेकिन वह हमेशा दिल के करीब रहेंगी और भारत के लोग उनके अच्छे स्वास्थ्य और उनके मिशन में सफलता के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।
उन्होंने लिखा “सुश्री बोनी पांड्या आपकी वापसी का बेसब्री से इंतजार कर रही होंगी और मुझे यकीन है कि स्वर्गीय दीपकभाई का आशीर्वाद भी आपके साथ है। मुझे 2016 में संयुक्त राज्य अमेरिका की अपनी यात्रा के दौरान आपके साथ उनसे मुलाकात याद है। आपकी वापसी के बाद, हम आपको भारत में देखने के लिए उत्सुक हैं। भारत के लिए अपनी शानदार बेटियों में से एक की मेजबानी करना खुशी की बात होगी। मैं माइकल विलियम्स को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं भेजता हूं। आपको और बैरी विलमोव को बिक्री वापसी के लिए शुभकामनाएं।
