विश्व ध्यान दिवस पर योगीराज श्री भारत भूषण भारतेंदु जी महाराज की बांसुरी धुन पर साधकों ने किया सामूहिक ध्यान.

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महाराष्ट्र ( मीरा रोड ) – संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित विश्व ध्यान दिवस (World Meditation Day) के पावन अवसर पर 21 दिसंबर, रविवार को मीरा रोड स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, बोरीवली सब-जोन के तत्वावधान में आयोजित विशाल सामूहिक ध्यान कार्यक्रम अत्यंत शांति, सकारात्मकता और आध्यात्मिक ऊर्जा के वातावरण में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

यह आयोजन केवल एक ध्यान कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि मानव चेतना के जागरण और आत्म-संरक्षण के वैश्विक संकल्प का साक्षी बना, जब इसी अवसर पर ब्रह्मकुमार ब्रह्मर्षि योगीराज श्री भारत भूषण भारतेंदु जी महाराज द्वारा “Save Self (सेव सेल्फ)” अंतरराष्ट्रीय आत्म-जागरण मुहिम का औपचारिक शुभारंभ किया गया।

बांसुरी की दिव्य धुन से साधकों ने पाया गहन ध्यान का अनुभव

इस कार्यक्रम की विशेष पहचान बनी योगीराज श्री भारत भूषण भारतेंदु जी महाराज की मधुर बांसुरी उनकी बांसुरी की लयात्मक, चेतना-स्पर्शी तानों ने साधकों को सहज रूप से गहन ध्यान की अवस्था तक पहुँचा दिया।

बांसुरी की ध्वनि ने मन,श्वास और चेतना तीनों को एक लय में बाँध दिया, जिससे साधकों ने आंतरिक शांति और आत्म-साक्षात्कार का अनुभव किया। लगभग 2500 से अधिक साधकों की सहभागिता कार्यक्रम का शुभारंभ बी.के. दिव्या दीदी (डायरेक्टर, उत्तर मुंबई) के शुभ एवं सशक्त संकल्पों के साथ हुआ।

उनके मार्गदर्शन में उपस्थित लगभग 2500 से अधिक भाई-बहनों ने एक साथ गहन राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास किया और विश्व शांति हेतु सकारात्मक वाइब्रेशन प्रसारित किए।

Save Self” आत्म-जागरण से विश्व-शांति की ओर इस अवसर पर घोषित सेव सेल्फ मुहिम का मूल संदेश है ‘ स्वयं को जानो’ स्वयं को संभालो  तभी समाज, संस्कृति और पृथ्वी सुरक्षित रहेंगे।

योगीराज श्री भारत भूषण भारतेंदु जी महाराज ने कहा कि आज का सबसे बड़ा संकट बाहरी नहीं, बल्कि मानव का अपने भीतर से कट जाना है।जब मनुष्य स्वयं से जुड़ता है, तभी वह समाज और विश्व के लिए उपयोगी बनता है।

प्रमुख संतों एवं आचार्यों के विचार

मेडिटेशन के पश्चात जागृत सूर्यमार्गी श्री कृष्ण देव गिरी जी ने ब्रह्मकुमारी बहनों की निस्वार्थ सेवा और पवित्र प्रेम की सराहना करते हुए कहा कि “जितने लोगों को ब्रह्मकुमारी केंद्र तक लाया जाए, उतनी बड़ी सेवा होगी।यहाँ आने से लोग व्यसन-मुक्त होते हैं, दुखों से मुक्त होते हैं और अकेलेपन से निकलकर एक परिवार पाते हैं।”वहीं भागवत आचार्य श्री रसिक महाराज ने ब्रह्मकुमारी संस्था के सेवा कार्यों की सराहना की। कार्यक्रम का संचालन बीके संगीता बहन ने बहुत ही सुंदर ढंग से किया।

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