नहीं रहे विख्यात रंगकर्मी आलोक रस्तोगी, 76 वर्ष की आयु में दुनिया के रंगमंच को किया अलविदा.

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उत्तर प्रदेश ( प्रयागराज ) रंगमंच और नौटंकी के क्षेत्र में अमूल्य योगदान देने वाले, विनोद रस्तोगी स्मृति संस्थान के संस्थापक एवं वरिष्ठ रंगकर्मी आलोक रस्तोगी का 14 अगस्त 2025 को प्रातः लगभग 6:30 बजे हृदय गति रुकने से निधन हो गया। वे 76 वर्ष के थे।
06 जून 1949 को प्रयागराज (तत्कालीन इलाहाबाद) में जन्मे आलोक रस्तोगी जी, प्रसिद्ध नाटककार विनोद रस्तोगी के पुत्र थे। साहित्यिक वातावरण में पले-बढ़े रस्तोगी जी ने रंगमंच की बारीकियां अपने पिता से ही सीखीं। बचपन से ही उन्होंने कहानियां और कविताएं लिखनी शुरू कर दीं, जो विभिन्न अखबारों और पत्रिकाओं में प्रकाशित हुईं।
रंगमंच के क्षेत्र में उनका योगदान लगभग पाँच दशकों तक फैला रहा। वर्ष 2003 में विनोद रस्तोगी स्मृति संस्थान की स्थापना के बाद से विगत 22 वर्षों में उन्होंने कई प्रसिद्ध निर्देशकों के साथ सक्रिय रूप से कार्य किया, पाँच से अधिक नाटकों और नौटंकियों का निर्देशन किया, जिनका मंचन देशभर में हुआ और दूरदर्शन पर भी सजीव प्रसारण किया गया। 100 से अधिक नाटकों में उन्होंने अभिनय व सहभागिता की।
उनकी कला-यात्रा प्रयागराज से निकलकर कोलकाता, दिल्ली, भोपाल, मुंबई, चंडीगढ़, जयपुर, उदयपुर, जोधपुर, शिमला, पटना, लखनऊ और देश के कई अन्य शहरों तक पहुँची। उन्होंने नौटंकी को पुनर्जीवित करने और इसे नए दर्शक वर्ग तक पहुँचाने के लिए कई नवीन प्रयोग किए।
वर्ष 2018 से 2020 तक वे भारतेन्दु नाट्य अकादमी, लखनऊ (उत्तर प्रदेश सरकार) की परामर्श समिति के सदस्य रहे। उनके मार्गदर्शन में विनोद रस्तोगी स्मृति संस्थान ने पारंपरिक और आधुनिक दोनों तरह की नौटंकियों का सफल मंचन किया और इस लोकनाट्य विधा को जीवंत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई।
आलोक रस्तोगी जी के पुत्र अतिन रस्तोगी वर्तमान में दुबई में सेवारत हैं और शाम तक प्रयागराज पहुंचेंगे।
आलोक रस्तोगी जी का निधन रंगमंच जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। वे अपनी कलात्मक दृष्टि, समर्पण और विनम्र व्यक्तित्व के लिए सदैव याद किए जाएंगे।

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