साहित्यकारों और कवियों ने प्रीतम नगर में बहाई सुरमई कविताओं की काव्य गंगा

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उत्तर प्रदेश ( प्रयागराज ) – प्रयागराज महानगर की ख्याति प्राप्त कवयित्री डा•पूर्णिमा पाण्डेय पूर्णा के प्रीतमनगर स्थित आवास पर वरिष्ठ साहित्यकार डा•जया मोहन की अध्यक्षता में एक काव्य-गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे साहित्यांजलि प्रभा पत्रिका के सम्पादक वरिष्ठ कवि-लेखक एवं पत्रकार डा•भगवान प्रसाद उपाध्याय।

वरिष्ठ कवि-लेखक डा•योगेन्द्र कुमार मिश्र “विश्वबन्धु” के कुशल संचालन मे डॉ पूर्णिमा पाण्डेय पूर्णा जी द्वारा मां सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई । कविगोष्ठी में प्रतिभाग करने वाले कवियों में शम्भूनाथ श्रीवास्तव ‘शम्भु’, ने वर्षा ऋतु का विशद वर्णन किया और पं•राकेश मालवीय ‘मुस्कान’, तथा डा•रामलखन चौरसिया वागीश ने अपने दोहों के माध्यम से गोष्ठी को गति प्रदान किया । अंतर्राष्ट्रीय शायरा प्रीता बाजपेई को गजल और गीत से वाहवाही मिली तो डॉ राधेश्याम दुबे उर्फ श्याम फतनपुरी ने हिन्दी की मार्मिक पीड़ा को अपनी कविता में सरस रूप से रेखांकित किया ।ए•एन•पाण्डेय ‘अनजान’, और रामवीर सिंह ‘पथिक’ एवं उपेन्द्र पांडेय ‘मनमौजी की रचना को भी खूब सराहा गया थे। रंजन पाण्डेय ने हास्य व्यंग की कविता प्रस्तुत करके गोष्ठी में रस परिवर्तन किया और मुख्य अतिथि डॉ भगवान प्रसाद उपाध्याय ने अपनी एक गंभीर गीत से गोष्ठी को ऊंचाई प्रदान किया। अध्यक्षता करते हुए डॉ जया मोहन ने अपनी चर्चित गजल से गोष्ठी को गरिमामय बना दिया । डॉ पूर्णिमा पाण्डेय पूर्णा ने अपनी कविता में भावपूर्ण अभिव्यक्ति को रेखांकित किया।

कार्यक्रम के आरंभ में वरिष्ठ साहित्यकार रंजन पाण्डेय ने शब्द-सुमनों से सभी का स्वागत तथा पूनम पाण्डेय ने आभार प्रकट किया।गोष्ठी के आयोजन में राकेश पांडेय का नेपथ्य में सहयोग रहा।

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