साहित्य कला मंच के 47वें अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में बही काव्य की अविरल धारा, हास्य-व्यंग्य से गूंजा आजाद मैदान

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मुंबई में देशभर के प्रख्यात कवियों ने बांधा समां, मंगल प्रभात लोढ़ा ने आरती कर किया कार्यक्रम का शुभारंभ

महाराष्ट्र ( मुंबई ) देश की प्रतिनिधि साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था साहित्य कला मंच द्वारा आयोजित 47वां अखिल भारतीय कवि सम्मेलन मुंबई के आजाद मैदान में भव्य एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। सीएसटी रेलवे स्टेशन के सामने आयोजित इस साहित्यिक समारोह में देश के विभिन्न क्षेत्रों से पधारे कवियों ने हास्य, व्यंग्य, राष्ट्रभावना और संस्कारों से ओतप्रोत रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कवियों की प्रभावशाली प्रस्तुतियों पर पूरा परिसर ठहाकों और तालियों से गूंज उठा।

कार्यक्रम का शुभारंभ हास्य सम्राट सुरेश मिश्र के कुशल एवं प्रभावशाली संचालन में ज्योति त्रिपाठी की सरस्वती वंदना से हुआ। इसके पश्चात कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से साहित्य और रचनात्मकता का ऐसा संगम प्रस्तुत किया, जिसने श्रोताओं को अंत तक बांधे रखा।

मुंबई में ‘बनारसी सांड़’ के नाम से लोकप्रिय कवि महेश दूबे ने अपनी विशिष्ट हास्य एवं व्यंग्य शैली से श्रोताओं का भरपूर मनोरंजन किया। उनकी ‘ऐसे लोगों को भारत में रहने का अधिकार नहीं’ सहित विभिन्न रचनाओं ने श्रोताओं को सोचने और ठहाके लगाने, दोनों के लिए प्रेरित किया।

राजस्थान के उदयपुर से पधारे कवि राव अजातशत्रु ने अपनी छोटी-छोटी, चुटीली काव्य प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं पर आधारित उनकी व्यंग्यात्मक कविताओं पर श्रोताओं ने जमकर ठहाके लगाए।

वहीं, रतलाम से आए वरिष्ठ कवि धमचक मुल्तानी ने अपनी हास्यपूर्ण प्रस्तुति के साथ संस्कारों पर आधारित कविता सुनाकर श्रोताओं का मन मोह लिया। कार्यक्रम के संचालक सुरेश मिश्र की ‘वंदे मातरम्’ कविता को भी उपस्थित जनसमूह की सराहना मिली।

मंगल प्रभात लोढ़ा ने किया कार्यक्रम का उद्घाटन

कवि सम्मेलन से पूर्व महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने प्रभु श्रीराम, माता सीता एवं लक्ष्मण की आरती कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर धार्मिक एवं सांस्कृतिक वातावरण के बीच साहित्यिक आयोजन की गरिमामयी शुरुआत हुई।

साहित्य कला मंच के अध्यक्ष एडवोकेट सुशील व्यास ने बताया कि इसी मंच पर दस दिनों तक रामलीला का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। उन्होंने साहित्य एवं संस्कृति के संरक्षण तथा संवर्धन में ऐसे आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।

कवि सम्मेलन के संयोजक सुरेश भरतिया ने सभी आमंत्रित कवियों का स्वागत किया। आयोजन में साहित्य, संस्कृति और सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों की उपस्थिति रही।

इस अवसर पर मंच के चेयरमैन विश्वनाथ भरतिया, कार्याध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल, महामंत्री विनय मिश्रा, कोषाध्यक्ष अनिल आर. अग्रवाल, दीपक बूबना, राम किशोर दरक, एडवोकेट त्रयंबक तिवारी, ट्रस्टी पवन शर्मा (शेखावटी), प्रदीप लाड़ीवाल, विवेक अग्रवाल, पवन खेतान, कॉटन ग्रीन आदर्श रामलीला समिति के अध्यक्ष पं. राधेश्याम मिश्र, ओएनजीसी के अधिकारी कपिल कुमार, पत्रकार संतोष दूबे सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

साहित्य, हास्य और सांस्कृतिक चेतना से सजे इस आयोजन ने मुंबई की साहित्यिक परंपरा को नई ऊर्जा प्रदान की। कवियों की यादगार प्रस्तुतियों के साथ 47वां अखिल भारतीय कवि सम्मेलन श्रोताओं के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बन गया।

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