
महाराष्ट्र ( मुंबई ) भारत में अभी भी इलेक्ट्रिक वाहन का बाजार संघर्षों से जूझ रहा है वहीं विश्व के कई देशों ने इसे अपनाने को मुहिम के तौर पर लिया है और नतीजा निकला आया है कि आज कई देशों में इलेक्ट्रिक वाहनों का लिया है, भारत में इलेक्ट्रिक वाहन एवम इलेक्ट्रिक वाहन कंपनियों को प्रमोट करने का कार्य अब एमएसएमई पीसीआई करेगा , इलेक्ट्रिक वाहन का भारत में असेंबलिंग का लगभग सारा कार्य छोटी इकाइयों में ही किया जाता है जो एमएसएमई के अंतर्गत आती है .भारत में एमएसएमई पीसीआई कुछ कंपनियों के साथ मिलकर स्टूडेंट्स एवं महिलाओं के लिए तथा उन श्रमिकों एवम जनता के लिए भी काफी रियायती दर पर दो पहिया इलेक्ट्रिक एवं तीन पहिया इलेक्ट्रिक वाहनों को मार्केट में रहा है ताकि सभी इसका उपयोग कर सके।
2013 में चीन के कई शहर प्रदूषण से घिरे हुए थे. शंघाई और बीजिंग प्रदूषण के लिए बदनाम थे। 10 साल बाद चीन में प्रदूषण नाम की कोई चीज नजर नही आ रही है. चीन ने इलेक्ट्रिक मोटर वाहन नीति को बढ़ावा देकर प्रदूषण को नियंत्रण में किया।
एशिया में कुल 90% इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री अकेले चीन जैसे देश में होता है। 2024 में चीन के लोगों ने 83% बाइक इलेक्ट्रिक से चलने वाली खरीदी।
आज चीन की सड़कों पर चलने वाली 70% बसें इलेक्ट्रिक से चलती है. चीन के बड़े बड़े नेता, पुलिस अधिकारी और गवर्नर साईकिल का प्रयोग कर दफ्तर आते जाते हैं।
