साहित्य रत्न सम्मान से अलंकृत किये गये जन कवि जय प्रकाश शर्मा प्रकाश.

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साहित्यकार सत्कार:आपके द्वार सम्मान योजना में क्या खोया क्या पाया काव्य संग्रह का हुआ लोकार्पण

उत्तर प्रदेश (प्रयागराज)  मौलिक विचार एवं साहित्यिक सर्जना की प्रतिनिधि पत्रिका साहित्यांजलि प्रभा से प्रवर्तित साहित्यांजलि प्रकाशन प्रयागराज द्वारा इस माह का *साहित्य रत्न सम्मान* वरिष्ठ साहित्यकार जनकवि जय प्रकाश शर्मा प्रकाश दिया गया ।

गोविंदपुर में अपट्रान चौराहे पर स्थित शिवासिटी मान्टेसरी स्कूल के सभागार में कल शाम सम्पन्न हुए भव्य समारोह में ख्यातिलब्ध साहित्यकार डॉ शंभूनाथ त्रिपाठी अंशुल जी की अध्यक्षता और माननीय न्यायमूर्ति सुधीर नारायण के मुख्य आतिथ्य में *साहित्यकार सत्कार : आपके द्वार* सम्मान योजना में जनकवि को साहित्य रत्न सम्मान प्रतीक चिन्ह और अंगवस्त्र देकर अलंकृत किया गया और इस अवसर पर इनकी पचपनवीं कृति *क्या खोया क्या पाया* का लोकार्पण भी मंचासीन अतिथियों द्वारा किया गया ।

मां सरस्वती के चित्र पर मुख्य अतिथि द्वारा माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित करके सम्मान समारोह शुरू हुआ जिसमें देववाणी संस्कृत में सरस्वती वंदना गरिमा साहू ने की और डॉ राम लखन चौरसिया वागीश ने मंचासीन अतिथियों का स्वागत किया । सभी का परिचय मासिक पत्रिका साहित्यांजलि प्रभा के सह सम्पादक रवींद्र कुशवाहा ने दिया और विवेक शर्मा सुमन ने मंचासीन अतिथियों सहित सभी उपस्थित कवियों को अंगवस्त्र और माल्यार्पण करके अभिनंदित किया । समारोह में विशिष्ट अतिथि डॉ बालकृष्ण पांडेय और डॉ वीरेंद्र कुमार तिवारी ने अपना आशीर्वचन दिया । इस अवसर पर राकेश मालवीय मुस्कान , आचार्य अनीस देहाती , अनिल बहोरिकपुरी , शिवम भगवती अभ्युदय सिंह , विमल राय , अशोक कुमार , डॉ ज्ञान सिंह , श्री मती सुमन शर्मा , रश्मि राधे , पंक्ति प्रकाश , पं दवी प्रसाद मिश्र वेदांती , पीयूष मिश्रा ने अपनी कविताओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया । समारोह का संचालन डॉ भगवान प्रसाद उपाध्याय ने किया जिसमें आसपास के अन्य गणमान्य नागरिक भी शामिल रहे । सभी उपस्थित जनों को पुस्तक और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। आभार विवेक शर्मा सुमन ने व्यक्त किया ।

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